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तुम्हारी किताब की किस्मत

मुझसे अच्छी है तुम्हारी इन किताबों की किस्मतजिन्हें हर रोज तुम अपने सीने से लगाती हो,मेरे बालों से भी अधिक खुशनसीब हैं तुम्हारी किताबों के पन्नेजिन्हें तुम हर रोज प्यार से सहलाती हो,मेरी रातों से भी हसीं हैं तेरी इन किताबों की रातेंजिन्हें तुम अपने पास
 
नारदमुनि