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तारे जमीं पर

आज तारे जमीं पर उतरे है फलक सेजिनका इन्तजार था बरसो से।जिनकी करता था बाते रोज उनसेवो ऐसा था, वो वैसा था।जिन्हे देखा करता था सपनो मेंजिनका जिक्र था मेरे यादो मे।आज वो जो हकीकत हैजो सामने है मेरे और मै खडा बुत सा।आज तारे जमीं पर उतरे है फलक सेजिनका इन्तजार
 
धीरज शाह
टैग: तारें