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मज़बूत होता जाता रिश्ता

" शारीरिक जीवन के इस कैदखाने में आने से पहले हम कहाँ थे और क्या थे ? " " ये समझदार, सँज्ञाशील और शरीर में  बेचैन रहने वाली आत्मायें हमारे शरीर में आने से पहले कहाँ थीं और क्या... पूरा पढ़ें
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मज़बूत होता जाता रिश्ता

शारीरिक जीवन के इस कैदखाने में आने से पहले हम कहाँ थे और क्या थे ? " " ये समझदार, सँज्ञाशील और शरीर में  बेचैन रहने वाली आत्मायें हमारे शरीर में आने से पहले कहाँ थीं और क्या थीं ? इससे पहले कि ज़माना हमें निरर्थक आवाज़ बना कर दुनिया में
 
डा. अमर कुमार
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कुंठित कनेक्शन

इस आलेख पर मैं अपनी तरफ़ से कोई टिप्पणी न दूँगा । बेहतर होगा कि यदि आपके पास सोचने के लिये पल दो पल हों, तो आप इसे स्वयँ ही पढ कर कोई निष्कर्ष निकालें, । सँकलक– डा० अमर  कुमार कुंठित कनेक्शन स्त्री-पुरुष संबंध, सृष्टि की बेहद भरोसेमंद बुनियाद ।&#
 
डा. अमर कुमार
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कुंठित कनेक्शन

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