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रिश्ता

आज मुलाकात हुयी लहरों से उसने हमसे पुछा हमारी पहचान क्या है आप से हमारा रिश्ता क्या है आप से तो मन मे उठी हलचल सच मे हमारा क्या रिश्ता है हम तो रोज आते है किनारों पर हमने तो ना सोचा था क्या रिश्ता है आप से आज मन की डोर हो गई कमजोर हम रिश्तो का नाम न
 
Dhiraj Shah
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