सारे रंगों को समेटती "धूप से रूठी चांदनी"
पिछले दिनों शिवना प्रकाशन, सीहोर से प्रकाशित कवयित्री (डा.) सुधा ओम ढींगरा का काव्य-संग्रह "धूप से रूठी चांदनी" पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। "धूप से रूठी चांदनी" से सुधा जी के संवेदनशील व्यक्तित्व का पता चलता है जिसे एक तरफ़ अपनी जड़ों से दूर होने का एहसास
May 31 2010 11:05 PM



Shuffle








