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असफल प्रेम और आत्महत्या

आज अखबार में छपे राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक देश में रोजाना कम से कम दस युवा असफल प्रेम के चलते जिंदगी से तौबा कर लेते हैं। ये आंकड़ा गरीबी व बेरोजगारी के कारण होने वाली खुदकुशी की घटनाओं की तुलना में कहीं ज्यादा है।हम तब शायद
 
संदीप पाण्डेय
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