पसंद करें
1
नापसंद करें

बदलता वक्त, बदलता मैं

कल मैं कोई पोस्ट नहीं लिख पाया। मैं ब्लॉग लेखन को अपनी आदत में शामिल नहीं कर पाया हूँ। मेरी आदत दैनिक अखबार के काम के हिसाब से ढली है। उसे बदलने में वक्त लगेगा, फिर मैं पूरी तरह से कार्य मुक्त नहीं हुआ हूँ। शायद फिर कहीं काम करूँ।अखबार में हमारे काम का
 
प्रमोद जोशी
टैग: टीवी
पसंद करें
0
नापसंद करें

आदत - पार्ट २

अब ब्लॉग्गिंग की आदत ही देख लीजिये , एक ब्लॉग से दूसरे पर और दूसरे से तीसरे पर कूदते कूदते लिखने का टाइम ही नहीं बच पाता। कभी कभी लगता है की हमें आदत उस चीज की लगती है जो स्वभाववश सरल होती है, जैसे लिखने और पढ़ने से ज्यादा देखने की आदत जल्दी लगती है।टीवी
 
राम त्यागी
टैग: टीवी
पसंद करें
1
नापसंद करें

ईडियट बॉक्स

आपला ईडियट बॉक्स दिवसेंदिवस ईडियट होत जातोय… आता न्यूज़ चॅनेल सर्फ करताना हा सीन बघून थांबलो. ही म्हणे आईची आवडती सीरियल? काय मिळता ह्या लोकाना अश्या सीरियल्स टेलीकास्ट करून..लिस्ट तर खूप मोठी आहे पण काय ती लाडो का कोण, किवा बालिका वधु. बघू वादाचा
पसंद करें
0
नापसंद करें

यह सास-बहू का इंडिया है प्यारे

टीवी बदल रहा है। यह वाक्य शायद सही नहीं है। होना चाहिए, हम बदल रहे हैं। लेकिन सच तो यह है कि टीवी हमें बदल रहा है। इसकी मिसाल आपके सामने है, जिसकी तरफ अभी तक किसी ने गौर नहीं किया। सैटलाइट टीवी ने जब दूरदर्शन की जगह ली तो जल्द ही उसकी पहचान बने वे सी
 
संजय खाती
पसंद करें
1
नापसंद करें

मां तू बड़ी प्यारी है... मगर बहुत स्वार्थी भी है!

वो ऐड देखा आपने ... ? किसी रिफाइंड ऑइल का ऐड है...एक आदमी अपनी मां के सामने बीवी से कहता है – ‘ रुचि, तुम्हारे हाथ का बना खाना तो मां के खाने से भी अच्छा है... ’ । उसके बाद कैमरा बीवी के चेहरे पर फोकस होता है...वहां दबी-सी मुस्कुराहट है... खुशी है...
 
विवेक आसरी
पसंद करें
4
नापसंद करें

सच का सामनाः कहीं यह गेम शो हमें डरा न दे

क्या कभी आपने पति का कत्ल करने की सोची...क्या आपकी कोई नाजायज़ औलाद है...क्या आपको लगता है कि आपकी बीवी आपसे ज्यादा आपके पैसे से प्यार करती है...ये सवाल हैं स्टार प्लस के गेम शो ‘सच का सामना’ से...निजी हैं...बहुत मुश्किल हैं...डरावने हैं...कौन होगा ज
 
विवेक
टैग: टीवी
पसंद करें
1
नापसंद करें

बजट का कटु सत्य-हास्य व्यंग्य (hindi vyangya on budget)

उन्होंने जैसे ही दोपहर में बजट देखने के लिये टीवी खोला वैसे ही पत्नी बोली-‘सुनते हो जी! कल तुमने दो हजार रुपये दिये थे सभी खर्च हो गये। अब कुछ पैसे और दो क्योंकि अभी डिस्क कनेक्शन वाला आने वाला होगा। कुछ देर पहले आया तो मैंने कहा कि बाद में आना।’ उन्
टैग: टीवी
पसंद करें
0
नापसंद करें

जल का टीवी

जल ने जब पहली बार आंखे खोली अहसास किया एक बेहद प्यारे से स्पर्श का शब्द दिया मां लगा जिंदगी जीने के लिये मिली है कुछ देर बाद एक हाथ जिसमें प्यार था लेकिन मां की तरह कोमल नहीं वो बाप का हाथ था लगा कि जिम्मेदारियां से कडक हो जाती है जिंदगी फिर कुछ सफेद
 
mediajantantra