आदतों में शुमार हो चुकी है सुस्त कार्य संस्कृति
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी धीमी, शाख पर लग रहा बट्टा लगता है सुस्त कार्य संस्कृति हम भारतवासियों के संस्कारों में रच बस गई है। कोई भी कार्य समय पर पूरा न करने की मानों हमारी आदत सी बन गई है। कुछेक लोग और संस्थाओं को छोड़ दिया जाए तो अधिकांशतया विलंब की
Sep 16 2009 02:14 AM



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