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ज्योति बसु का न होना

अन्तिम लाल सलामरविवार, 17 जनवरी को भारतीय वामपन्थ ने अपना सबसे कामयाब क्वलाइट हाउसं गंवा दिया। ज्योति बसु के न होने से अब जो वाम सागर पीछे छूट गया है, उसमें भटकाव की आशंकाएं बहुत बढ़ गई हैं। आज से पहले जब वामपन्थी भटकते थे, तब ज्योति बाबू लाइट हाउस की
 
ज्ञानेश उपाध्याय (gyanesh upadhyay)