जैन-धर्म का सार भी निकले :: सन्त विनोबाजी
"जैन धर्म ग्रन्थ" एक अहम दस्तेवाज के रूप में अकिंत हो चुका है.जैन-धर्म-सार ग्रन्थ के आरम्भ में सन्त विनोबाजी ने अपने निवेदन में कहा है कि सर्व-धर्म-समन्वय और दिलों को जोड़ने की दृष्टि से उन्होंने धम्मपद नवसंहिता तैयार की, ऋग्वेद-सार, मनु-शासनम्,
Feb 21 2010 11:44 AM



Shuffle








