पसंद करें
0
नापसंद करें

जे. कृष्णमूर्ति जी का परि‍चय

जे. कृष्णमूर्ति जी के संक्षि‍प्‍त परि‍चय के लि‍ये क्‍ि‍लक करें-http://jkrishnamurthyhindi.blogspot.com/राजेशा का ब्लॉग - अजनबी
 
Rajey Sha
पसंद करें
0
नापसंद करें

प्रकृति से सम्बन्ध

अकेले हो रहने में ही अनन्‍त शक्‍ि‍त और अनन्‍त मुक्‍त शक्‍ि‍त में ही आनन्‍द नि‍हि‍त है।प्रकृति‍ और हम अलग नहीं, प्रकृति‍ को नष्‍ट करना स्‍वयं को नष्‍ट करना है।http://jkrishnamurthyhindi.blogspot.com/राजेशा का ब्लॉग - अजनबी
 
Rajey Sha