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हमारा शौक और बेचारे जानवर की मृत्‍यु

जब-जब भी आइने में खुद को देख लेती हूँ तो रातों की नींद उड़ जाती है। दूसरे दिन से ही मोर्निंग वाक शुरू हो जाता है। लेकिन फिर एकाध प्रवास और घूमना निरस्‍त। कम्‍प्‍यूटर छूटता नहीं और फेट बढ़ने का क्रम टूटता नहीं। लेकिन फिर भी अभी कुछ दिनों से क्रम चल ही रहा
 
ajit gupta
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पाँच साल की बच्‍ची के गर्दन पर साँप लिपटा था

उई ई ई ई की चीख मेरे कानों में पड़ी और एक धम्‍म की आवाज भी। तभी दूसरी चीख सुनायी दी। मैं लथपथ सी उस ओर भागी। देखा कि बेटी और बहु एक दूसरे को थामें पसीना-पसीना हुए जा रही है। मैंने पूछा कि क्‍या हुआ? लेकिन उनके मुँह से कुछ नहीं फूटा। मैंने अपनी नौकरानी को
 
Dr. Smt. ajit gupta