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बहुमूल्य चीज

क्या कभी आपने गौर किया कि बहुमूल्य चीज़ अपने आरम्भिक दौर में कोड़ियों के भाव बिकी हैं या उनका मूल्य पहचाना नहीं गया, लेकिन जब उनका मूल्य पहचाना गया तो वे अनमोल हो गई । आपकी प्रतिभा भी ऐसी ही चीज़ है । यदि आप इसे पहचान लेते हैं, तो शीघ्र ही इसे संसार भी
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भाव-उद्वेग

भाव-उद्वेग में चुप रहना सबसे बड़ा संयम है । भाव-उद्वेग की स्थिति में विवेक मनुष्य का साथ छोड़ देता है और मनुष्य अनुचित कर्म कर बैठता है । गुस्सा भाव-उद्वेग का ज्वलंत रूप है । गुस्से में जो मौन को साध कर अंतस-चित्त का अध्ययन करता है, वह शांत होना सीख जाता
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जिंदगी की ए बी सी

जिंदगी की ए बी सी अर्थात जिंदगी का आधार क्या है ? सार्थक जिंदगी क्या है ? जीवन को कैसे जिया जाए कि जीवन में आनंद घटित हो । अंग्रेजी के पाँच शब्दों से हम इसे समझने की कोशिश करते हैं ।जीवन की ए अवेयरनेस (awareness) अर्थात सजगता है । व्यक्ति की सजगता उसके
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दु:ख

देखा है जिंदगी को कुछ इतने करीब से कि दुख के सिवायसब बेगाने लगने लगे हैं जीवन में जब सुख आता है तो वह बँटना चाहता है । लेकिन जब दुख आता है तो मनुष्य संकुचित हो जाता है । स्वयं में सिमट जाना चाहता है । वस्तुत: दुख सुख की जड़ है । जिस आदमी के जीवन में दुख
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अंतस का समाधान

कल की पोस्ट में मैंने समस्या और समाधान के बारे में बात करते हुए लिखा था कि मनुज की कोई भी समस्या स्वयं उसके जीवन से बड़ी नहीं हो सकती । इस संदर्भ में चंद्र मोहन गुप्त जी ने पूछा है कि " पर हमारी समस्या यह है कि यदि इन्सान, जैसा कि प्रायः होता है, जान-बुझ