......बचपन (माँ की गोद में)
खट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/जीवन का पहला साल, सपनो से मालामाल, माँ की गोद मीठी मीठी लोरिया सुनाती है/बच्चे के साथ, बच्चा बन जाती है
Jun 11 2010 05:09 AM



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