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जिसे सर झुकाती है हिंन्द सारी .....!

 प्राण भले ही मित्रो गवाना ,पर न झंडे को निचे गिराना |तीन रंगा है झंडा हमारा बीच चरखा चमकता सितारा ,शान है यही इज्जत हमारी जिसे सर झुकाती है हिंन्द सारी |
 
संजय भास्कर