पसंद करें
7
नापसंद करें

सबरन मंजूर मिसरा नामंजूर

मेरे ससुर जी करीब करीब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बेटे बेटियाँ सब अपनी अपनी जगह जीवनयापन में लगे हैं। घर में कुल जमा दो परानी। बड़े शौक से शहरी मॉडल पर आधुनिक घर बनवाए - बेटे , बहुएँ, बेटियाँ  आएँ तो कोई कष्ट न हो। पॉवर बैक अप की चौचक व्यवस्था - दो
 
गिरिजेश राव