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बात महिमावान उंगली की ...

बड़ी जोरदार ठण्ड पड़ रही है . घूमते घूमते अपुन आज पान की दूकान पे पहुँच गए . देखा तो पान वाला भी ठण्ड से ठिठुर रहा था . तबई अचानक गिरीश जी की जा बात जेहन में कौंध गई की हमें हर मामले में उंगली करनें में महारत हासिल है और मैंने भी ठान लिया की इस वार्ता को
 
महेन्द्र मिश्र
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"सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर सम्मानित होगा "

संस्कार धानी जबलपुर साहित्यिक संस्था पाथेय द्वारा पोलियो ग्रस्त बच्चों की सहायता हेतु तैयार किए " बावरे - फकीरा एलबम " की प्रस्तुति एवं उससे प्राप्त धन राशि का सदुपयोग करने वाली संस्था " सव्यसाची कला ग्रुप जबलपुर सम्मानित करने का निर्णय लिया है । " स
 
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'
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नार्मदेय कला साधकों द्वारा विकलांग-कल्याण-हेतु बनाए गए साईं भक्ति एलबम बावरे फकीरा का लोकार्पण !4 मार्च 09 को संपन्न

नार्मदेय ब्राह्मण समाज के सितारे यूं चमके " स्वर्गीया सव्यसाची प्रमिला बिल्लोरे की प्रेरणा से बना था एलबम बावरे-फकीरा . एलबम केगीतकारगिरीशबिल्लोरे"मुकुल"स्वरदाताआभासजोशी , संदीपापारे , संगीतकार : श्रेयसजोशी , कोरस स्वर सुलभा एवं श्रद्धा बिल्लोरे , कि
 
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'
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जबलपुर की यात्रा - प्रथम दिन

जबलपुर में मै 4 अप्रेल सायं 6 बजे तक पहुँच गया था। मेरे मित्र ताराचंद्र मुझे स्‍टेशन पर लेने पहुँच गये थे। स्‍टेशन पर एक लड़का जो इलाहाबाद से मेरे साथ था, उसे हमारा साथ बिछ़डने का गम था। जब उसे पता चला कि मै पहली बार अलेके यात्रा कर रहा ह