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गरीबी, भुखमरी, शोषण तथा महंगाई समस्यायें नहीं बल्कि परिणाम हैं-हिन्दी लेख (economics thought for india-hindi article
अगर देश में व्याप्त भुखमरी, बेरोजगारी, बेबसी तथा भ्रष्टाचार से त्रस्तता को देखकर किसी भी क्षेत्र में हिंसा का समर्थन किया जायेगा तो यह समझ लीजिये मुद्दों से भटकाव की तरफ हम जा रहे हैं। मुश्किल यह है कि भुखमरी, बेरोजगारी तथा महंगाई समस्यायें नहीं बल्कि
Apr 10 2010 10:03 PM



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