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कैद में ^आजाद*

कैद में ^आजाद*उत्तर प्रदेश में 'लाल सलाम' कहना और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करना अब राष्ट्रद्रोही जुर्म है। कम से कम मानवाधिकार कार्यकर्ता और 'दस्तक' पत्रिका की संपादक और उनके पति पूर्व छात्रनेता विश्वविजय की गिरफ्तारी से तो ऐसा ही लगता है। देश
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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जनविरोधी कदम है पैट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाना

जनविरोधी कदम है पैट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाना -अमलेन्दु उपाध्यायकिरीट पारीख समिति की रिपोर्ट पर केन्द्र सरकार एक बार फिर कैरोसिन, डीजल, पैट्रोल और रसोई गैस के दामों में बढ़ोत्तरी करने जा रही है। हर बार की तरह इस बार भी वही पुराना तर्क दिया जा रहा है कि
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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सरकारी मितव्ययिता, राजसी ठाट और शशि थरूर का ‘कैटल क्लास’

पिछले कुछ दिनों से मैं समाचार माध्यमों के द्वारा प्रसारित एक खबर पर गौर कर रहा हूं । खबर है कि केंद्र सरकार के वर्तमान ‘माननीय’ विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने हवाई जहाजों के ‘इकॉनमी क्लास’ को ‘कैटल क्लास’ कहकर अपनी ही सरकार के ‘मितव्ययिता अभियान’ की
 
योगेन्द्र जोशी
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और अब ई.वी.एम. (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर हमला

एक-डेड़ माह पूर्व संपन्न चुनावों में पराजित दो-एक प्रत्याशियों ने अपनी हार का कारण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठहरा दिया । हुआ यह था कि अहमियत रखने वाले कुछ राजनेता (जैसे माननीय चिदंबरम, श्रीमती मेनका गांधी) हारते-हारते जीत गये । मामूली अंतर से हार
 
योगेन्द्र
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लोकतंत्र की व्यथाकथा, सात - भला किसे चुनें प्रतिनिधि, और क्यों ?

आजकल अखबारों और इलेक्ट्रानिक संचार माध्यमों पर दिखाये जा रहे विज्ञापनों तथा परिचर्चाओं आदि के द्वारा देश के मतदाताओं से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अवश्य वोट (vote) डालें और वह भी सोच-समझकर सही व्यक्ति को, साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति को, ऐसे व्यक्ति क
 
योगेन्द्र
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छब्बीस जनवरी अर्थात् गणतंत्र दिवस, और मैं

आज गणतंत्र दिवस है, साठवां गणतंत्र दिवस । हर बीते वर्ष की तरह मनाया जाने वाला दिवस । अगले वर्ष इसी तारीख पर फिर मनेगा, हर बार की भांति रस्मअदायगी निभाते हुए । बड़े-बड़े संकल्पों की बात की जायेगी, देश की उपलब्धियां गिनी और गिनायी जायेंगी । लेकिन क्या है
 
योगेन्द्र