कुछ चित्र छुट्टियों में/बचपन के दिन---
मुट्ठी भर छुट्टियों के दिन……क्या-क्या तो कर लें……कैसे-कैसे आसमान उठा लें……अभी न रोको…अभी न टोको……कल पर निकल आयेंगे……हम भी परिंदे हो जायेंगे…फिर खोजते फिरोगे हमेंयहाँ - वहाँ कहाँ -कहाँ ? :)बचपन के दिन भी क्या दिन थेफ़िल्म-सुजाता चित्र-क्लब के स्वीमिंगपूल से
May 01 2010 01:47 PM



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