अगली कहानी – नया
कल रात एक कहानी पूरी की। कहानी मंझोली है पर डेढ़ साल से लिखी जा रही थी और कई सारे तरीकों से लिख लिख के छोड़ता रहा। एक बार तो कहानी पूरी हो गई थी, बीते अप्रेल में, पर खुद को ही पसन्द नही आ रही थी।अब जब पूरी हुई तो मन बहुत उदास हो गया। रात भर नीन्द नही आई।
Feb 14 2010 07:49 PM



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