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अगली कहानी – नया

कल रात एक कहानी पूरी की। कहानी मंझोली है पर डेढ़ साल से लिखी जा रही थी और कई सारे तरीकों से लिख लिख के छोड़ता रहा। एक बार तो कहानी पूरी हो गई थी, बीते अप्रेल में, पर खुद को ही पसन्द नही आ रही थी।अब जब पूरी हुई तो मन बहुत उदास हो गया। रात भर नीन्द नही आई।
 
चन्दन
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लोहड़ी और अपनी भाषा

यह यादगारी मैं चलती कार में लिख रहा हूँ, बॉस लोग सो रहे है और मेरे पास यही भर मौका है। इन दिनों यात्राओं में ऐसा व्यस्त हूँ कि अपने लैपटॉप के पासवर्ड की याद भर है और इतना भी समय नहीं मिल रहा कि पासवर्ड को एक बेहद जरूरी खत लिखूँ। पर इस बीच एक सुनाने लायक
 
चन्दन