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एक चौपाल कवि कर्म पर

नमस्कार मित्रों ! गुरूवार की चौपाल में एक बार फिर आपका हार्दिक स्वागत है ! यह होगी अपने तरह की पहली चौपाल !! ब्लॉग-विश्व में पहली बार पढ़िए काव्य-शास्त्र का मर्म........ कुछ कही, कुछ अनकही.... एक समीक्षा........ साहित्य साधक परशुराम राय की कलम से !! आँच
 
करण समस्तीपुरी
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हो गया ग़म पुराना नए साल में

नमस्कार मित्रों ! नूतन वर्ष के प्रथम चौपाल में आपका सादर अभिनन्दन ! आप सहृदय पाठकों का असीम प्यार फिर खीच लाया है बेंगलूर के प्रसिद्द कवि श्री ज्ञानचंद मर्मज्ञ को हमारे चौपाल में ! इस से पहले श्री मर्मज्ञ जी की मर्मस्पर्शी कविता "भ्रूण-हत्या' ब्लॉग
 
करण समस्तीपुरी
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चौपाल में अतिथि गुप्त के नवगीत

मित्रों ! आज फिर गुरूवार है और हम आपका स्वागत कर रहे हैं, चौपाल में ! आज की चौपाल में हम जिस अतिथि कवि का आह्वान कर रहे हैं, उनका नाम आपके लिए जाना-पहचाना है ! पढ़िए उदीयमान साहित्यकार श्री हरीश प्रकाश गुप्त द्वारा रचित मनमोहक नवगीत !! नव गीत -- हरीश
 
करण समस्तीपुरी
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चौपाल में अतिथि कविता : भ्रूण-हत्या

नमस्कार मित्रों ! अब हम आपको मिलवाने जा रहे हैं चौपाल के नए अतिथि से ! बनारस की रसमयी धरती के सपूत श्री ज्ञानचंद मर्मज्ञ समकालीन कविता में एक अमूल्य हस्ताक्षर के रूप में उभरे हैं । जन्म से भारतीय, शिक्षा से अभियंता, रोजगार से उद्यमी और स्वभाव से कवि,
 
करण समस्तीपुरी
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चौपाल में अतिथि कविता : इतिहास मौन

मित्रों ! आज फिर गुरूवार है और सज गयी है हमारी चौपाल ! पाठकों के असीम प्यार और आग्रह के वशीभूत हम ने एक बार पुनः आमंत्रित किया है हमारे चौपाल के पुराने अतिथि कवि श्री परशुराम राय जी को !! इस ब्लॉग पर इनकी कविता को पहले भी पढ़ा एवं पसंद किया जा चुका ह
 
करण समस्तीपुरी
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गांव की सड़क ऐसी क्यों नहीं,,,,

आजादी के बासठ साल बीत गए हैं, और लोगों को अभी भी हालात में कोई अन्तर नहीं लगता। यहां कोटा में आसपास के किसान बिजली की मांग को लेकर एक महापंचायत में शामिल होने आए थे। बात भले ही राजनैतिक थी, लेकिन दर्द राजनीति से परे था। रैली में आए करीब सात आठ हजार क
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