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इंसान और इंसान की फितरत ?

इंसान और इंसान की फितरत कितने अजीब है दोनो ही ?बहुतेरे रंग भर लगता गिरगट सास्वाग रचता ढोंग की दूनिया बसाताइंसान और इंसान की फितरत कितने अजीब है दोनो ही ?पलभर में बना लेता गैरों को अपनाभुला देता खुन के रिश्तों कोलहु पानी बन बहता रगों
 
Sunita Sharma
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नई कार

मुनरो - कार उत्पादन के ब्रह्माण्ड के केंद्र बिंदु डेटरोइट के दक्षिण में छोटा सा शहर....इस शहर की जिन्दगी स्थानीय फोर्ड प्लांट से शुरू होकर वहीं खत्म हो जातो है...वर्षों से यह प्लांट पीढ़ियों को पालता आ रहा था. इस शहर में फोर्ड के प्रति लोगों की आस्था कुछ
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Emotion's

जख्म अब हंसते हैन जाने मुझसे क्या चाहते है।हंसी है लबों पर फीकी सी  मायूसियो के दौर रहते हैजिन्दगी को खेल समझाखिसकते पल हाहाकार करते है, थोडा ठहर जा वक्तअभी सांस तो ले लूंन बुलाओ मुझे चन्द लम्हे तो जी लूंक्या है फलसफा जबचाहो तो नही
 
Sunita Sharma
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जिन्दगी ने जिन्दगी को क्या दिया........।

जिन्दगी ने जिन्दगी को क्या दिया नफरत और गमइसके सिवा कुछ न दिया ?वक्त तूं कब तक मेरा इम्तहान लेगातेरे सबब का कही तो अन्त होगारूसवा करे मुझे जमाना के वफा करने वाले के हिस्से ,सिर्फ यही एक सौगात आती हैजिन्दगी ने जिन्दगी को क्या दियाउलझन और परेशान
 
Sunita Sharma
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किसका चेहरा देखू तेरे चेहरे के बाद............।

किसका चेहरा देखूं तेरे चेहरा देख करसजदा तूझे है मेरी हर ख्वाहिश के लिएनूर है तू ,इस जहां में कोई तेरे मुकम्मल नही.............।तेरे दम से कयामत है तेरे दम से दूनिया हैमेरा तेरा कुछ नही रह जाना बस नाम तेराकिसका ओज है तेरे ओज
 
Sunita Sharma
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उडान

बन्द होती सांसेयूं जीना भी कोई जीना हैफडफडाते है पंख छूने को आकाश नयेकुतरे पंख कैसे काई उडान भरे........ !नन्ही चीडियां रश्क तूझसे मिला खुला आकाश तूझेहवा भी कुछ कहती हौले-हौले......  !टूटते बांध आशाओं केबन्द हो जाते  दरवाजे खुलने
 
Sunita Sharma
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Emotion's

कुछ भी न कह कर बहुत कुछ कह जाते हैसबने सताया जी भर कर, अब तो गमों को भी शर्म आती है हम पर!आदत जो होती है उसे मिटा नाकैसे कत्ल होता है अरमानों कादेखो फितरत दूनिया कितनी मासूम है !बांध  कर हाथों को क्या तलाश हैवो मुकाम कहा रास्ता
 
Sunita Sharma
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Emotion's

मासूम चेहरो से, डर लगता हैइनकी तल्खी, शोखिया, अदायेहोती है कातिलानाचेहर, जो चलाते है नश्तरकैसे कहूं इन नश्तरों से डर लगता हैमासुम आंखे दिलों में चलाकियाचलाकियों से, डर लगता है!कत्ल कर जाते है खामोशी सेउफ! भी नही
 
Sunita Sharma
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