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चुभन-भाग ६

यह स्लिप राकेश नें ही दी थी और लिखा था......" मुझे माफ़ कर देना नलिनी , मैं तुम्हें जिंदगी भर की खुशियां देना चाहता था लेकिन जब मैं अपना यह सपना पूरा कर पाता तब तक बहुत देर हो चकी थी । मैं एच .आई.वी पाज़िटिव हूं । मैनें तुम्हारे और बच्चों के अस्पताल में
 
सीमा सचदेव
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चुभन- भाग ५

नलिनी को इस तरह फ़ूट-फ़ूट कर रोते हुए मैने पहली बार देखा था । अब मुझे अपनी बेवकूफ़ी का अहसास हुआ । मुझे नलिनी की व्यथा सुने बिना उससे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी पर अब बोली हुई बात वापिस तो नहीं आ सकती थी ,मैने नलिनी को अपनी बाहों में भर लिया और वो थोडी
 
सीमा सचदेव
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चुभन - भाग ४

चुभन - भाग 1चुभन - भाग 2चुभन - भाग 3मैं बस सुन रही थी , नलिनी बोलती जा रही थी , ऐसे जैसे वह कोई आप-बीती न कहकर कोई सुनी-सुनाई कहानी सुना रही हो । उसके चेहरे पर कोई भाव न थे , या फ़िर अपनी भावनाओं को उसनें हीनता के पर्दे से इस तरह ढक रखा था कि किसी की नज़र
 
सीमा सचदेव
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चुभन - भाग २

चुभन - भाग 1तुम तो जानती हो नैना , कालेज की पढाई पूरी करते ही मुझे अपने मां-पापा के पास वापिस जाना पडा था । एक दिन अचानक पिताजी हमें छोड चल बसे और मां इसी गम में जिन्दा लाश बन गई । छोटे दो भाईयों की जिम्मेदारी अचानक मुझ पर आन पडी । पिता जी का सपना था
 
सीमा सचदेव
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