ऐ देश के लफंगों, नेता तुम्ही हों कल के, यह देश है तुम्हारा, खा जाओ इसको तल के. चुनाव के पहले नेता घर-घर मांगने जाते हैं वोट, और फिर चुनाव के बाद, अपनी भोली जनता को, पहुचाते हैं गहरी चोट. भारत की राजनीति है एक गन्दी बहती नाली, जिसमें बैठ कर नेता, वसूलते
१८ का पूर्ण होने पर मुझे Proud है, आप १८ के हों या न हों, पर ये रचना पढ़ना आप के लिए Allowed hai. ये कविता २१ दिसम्बर को, अपने 18th जन्मदिन के अवसर पर मैंने लिखी थी, मेरे Fans को ये कविता हास्य-व्यंग में सबसे अधिक पसंद आई है. अब तक की सबसे ज्यादा पढ़ी गई
१८ का पूर्ण होने पर मुझे Proud है, आप १८ के हों या न हों, पर ये रचना पढ़ना आप के लिए Allowed hai. ये कविता २१ दिसम्बर को, अपने 18th जन्मदिन के अवसर पर मैंने लिखी थी, मेरे Fans को ये कविता हास्य-व्यंग में सबसे अधिक पसंद आई है. अब तक की सबसे ज्यादा पढ़ी गई
आनन फानन में फैक्स भेजकर बाल विकास अधिकारियों व स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला अधिकारियों को राजधानी बुलाया गया था और परिणाम स्वरूप सरकार के मुख्य सचिव कुपोषण के आंकड़ों की चिंता में बैठक ले रहे थे सरकार के जन संपर्क विभाग के अधिकारी मीटिंग के नोट्स ले रहे
मोबाइल पर प्रतिदिन ढेर सारे SMS सन्देश आते है कोशिश कर रहा हू कि आगे से सभी सन्देश अपने ब्लोग पर हिन्दी मे लिखकर आप सभी के साथ बाट लू. मेरा यह प्रयास कैसा लगा? टिपिया कर जरूर
आज मैं छेड़ छाड़ का ज़िक्र करूँगा. बहुत पहले व्यंग के जादूगर यशवंत कोठारी जी ने छेड़ छाड़ पर एक व्यंग लिखा था जो काफी मशहूर हुआ.छेड़-छाड़ पर लिखने की प्रेरणा उन्ही के व्यंग से मिली. छेड़-छाड़ उस विधा का नाम है जिसे बेटा बिना बाप के सिखाये सीख जाता है.मूछो