आज बसंत पंचमी है और बसंत ॠतु के आगमन के साथ धरती का रंग-रुप भी परिवर्तित दिखाई देने लगता है। सरसों के पीले फ़ुल जब पुरी धरती को ढक लेते हैं तो धरती पीले वस्त्रों मे लिपटी नव वधु सी प्रतीत होती है। बसंत पर्व को मदनोत्सव के रुप मे भी मनाया जाता है, बसंत ॠतु