पसंद करें
2
नापसंद करें

अंग्रेजी के ब्लागर,बड़का बिलागर, विषय चुकने का आभास..........चिट्ठाचर्चा डॉट कॉम

ब्लागिंग में हलचल मची रही, अपनी टी आर पी बढाने के लिए चीर हरण हो रहा था, जब मनुष्य चूक जाता है तो वह कुछ अवांछनीय हरकतें करता है, जिसके परिणाम लोगों को भोगना पड़ता है। आज चिट्ठा चर्चा पर दो चार लोगन के चिट्ठा बांचते हैं।ढपोरशंख का कहना है कि ज्ञानदत्त
 
चिट्ठाचर्चा
पसंद करें
0
नापसंद करें

चिट्ठा चर्चा को ये अधिकार किसने दिया------- मिथिलेश दुबे

शायद ये सवाल आज तक किसी ने नहीं पूछा होगा । आखिर किससे पूछ कर मेरे लेख को चिट्ठा चर्चा पर प्रकाशित किया गया , मैं इतनी मेहनत से लिखता हूँ , चाहे जो लिंखू ये मर्जी है , लेकिन मेरे चिट्ठे को बिना मेरे इजाजात से क्यों प्रकाशित किया गया । चिट्ठा चर्चा किसका
 
Mithilesh dubey
पसंद करें
0
नापसंद करें

आज साईज़ बडा है...कई चिट्ठों को पढा है, (चिट्ठी चर्चा)

मुझे लग ही रहा था कि...कल वाली चर्चा को देख कर सब कहेंगे..झाजी ने लगता है ...टीपने के साथ साथ पढना भी कम कर दिया है...मगर यकीन मानिये...दोनों में से ही कोइ बात नहीं है...आप कभी नहीं मानते न मेरा...लिजीये...आज ही बानगी पेश है...और जल्दी ही प्रमाण पत्र भी
 
अजय कुमार झा