पसंद करें
0
नापसंद करें

खाप पर खामोशी क्यों

कांग्रेस के भावी प्रधानमंत्री और युवा दिलों की धड़कन राहुल गांधी आजकल दलितों का प्यार लूटने में लगे हुए हैं। किसी भी गरीब या दलितContinue Reading »
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
4
नापसंद करें

भाजपा के अस्तित्व पर दस बड़े सवाल ! (कनिष्क की बक-बक )

हर दिन व्यवहार में हिंदुत्व का आधा चेहरा पश्चिमी लिबास , पश्चिमी भाव , पश्चिमी शैली , भूमंडलीय भाव पूरित, भूमण्डलीय मलाई चहकता नज़र आता है. जब विदेशी निवेश , डोलारिकरण पर , निर्यतिकरण पर , विदेशी मुद्रा भंदारिकरण पर सब कुछ निर्भर करता है तो उतेजित किया
 
kanishka kashyap
पसंद करें
0
नापसंद करें

देश के साथ खिलवाड़ का माध्यम बना क्रिकेट

करोडोँ विज्ञापनबाजी पर खर्च हो चुके हैं। करोड़ों विज्ञापनबाजी से कमाए भी जा रहे हैं। 1500 करोड़ का तो सिर्फ सट्टा ही लग चुका है। अच्छा होगा यदि सरकार भविष्य में सट्टे व जुए को वैधता मान्य कर मान्यता प्रदान कर दे। इससे सरकार को करोड़ों रूपये राजस्व में
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
0
नापसंद करें

बुर्के पर बवाल क्यों?

आतंकवाद की आड़ लेकर मुस्लिम महिलाओं की आजादी का नकली समर्थक यूरोप बुर्के पर पाबंदी की ओर बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है। यूरोपContinue Reading »
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
0
नापसंद करें

बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे (आईपीएल) से हम निकले।

बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे (आईपीएल) से हम निकले। किसी मशहूर शायर के शेर का यह एक मिसरा ही ललित मोदी के लिये काफी है। आईपीएल 3 के फाईनल के ठीक बीस मिनट बाद बीसीसीआई ने यह भी फाइनल कर दिया कि अब जनाब मोदी की उन्हें जरूरत नहीं हालांकि इस पूरे मसले पर
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
0
नापसंद करें

बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे (आईपीएल) से हम निकले।

बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे (आईपीएल) से हम निकले। किसी मशहूर शायर के शेर का यह एक मिसरा ही ललित मोदी के लिये काफी है। आईपीएल 3 के फाईनल के ठीक बीस मिनट बाद बीसीसीआई ने यह भी फाइनल कर दिया कि अब जनाब मोदी की उन्हें जरूरत नहीं हालांकि इस पूरे मसले पर
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
0
नापसंद करें

राजनीतिक हस्तक्षेप से निरंकुश होती पत्राकारिता से विनाश का खतरा बढ़ा

आज पत्रकार यह भूलता जा रहा है कि पत्रकार का सम्मान तो उसके द्वारा किये जाने वाले त्याग व तपस्या के कारण होता है। आदर्श पत्रकारिता तो पत्रकारों के द्वारा उठाये गये जोखिम, आदर्श, उददे्श्यों में ही पनपती है। गणेश शंकर विद्यार्थी तथा बाल गंगाधर तिलक इत्यादि
 
NEWS SOURCE
पसंद करें
0
नापसंद करें

राजनीतिक हस्तक्षेप से निरंकुश होती पत्राकारिता से विनाश का खतरा बढ़ा

आज पत्रकार यह भूलता जा रहा है कि पत्रकार का सम्मान तो उसके द्वारा किये जाने वाले त्याग व तपस्या के कारण होता है। आदर्श पत्रकारिता तो पत्रकारों के द्वारा उठाये गये जोखिम, आदर्श, उददे्श्यों में ही पनपती है। गणेश शंकर विद्यार्थी तथा बाल गंगाधर तिलक इत्यादि
 
NEWS SOURCE