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फलित ज्योतिष संकेत सूत्र के माध्यम से गजकेसरी योग का विवेचन

पिछली पोस्ट में हम फलित ज्योतिष में पाराशरी राजयोगों पर बात कर रहे थे तो उसी विषय पर आगे बढते हुए सबसे पहले तो हमें ग्रहों के कारकत्व को समझना होगा। कारकत्व दो प्रकार के होते हैं--नैसर्गिक(स्वाभाविक) और तात्कालिक। ज्योतिष ग्रन्थों में जो विभिन्न ग्रहों
 
पं.डी.के.शर्मा"वत्स"