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हवा में उड़ता जाए रे… ’अप’

यहाँ कुछ देर से लगा रहा हूँ. जैसा अब आपमें से बहुत लोग जानते हैं, यह लेख ’चकमक’ के बच्चों से मुख़ातिब है. ***** एक फ़िल्म थी पुरानी. नाम था मि. इंडिया. शायद देखी हो तुमने भी. मुझे बहुत पसंद है वो फ़िल्म. उसके कई मज़ेदार किस्सों में से एक मज़ेदार किस्सा
 
मिहिर
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बंजारा नमक लाया

प्रभात की कविताओं की नई किताब ’बंजारा नमक लाया’ आई है. प्रभात हमारा दोस्त है. प्रभात की कविताएं हमारी साँझी थाती हैं. हम सबके लिए ख़ास हैं. कल पुस्तक मेले में ’एकलव्य’ पर उसकी नई किताब मिली तो मैं चहक उठा. आप भी पढ़ें इन कविताओं को, इनका स्वाद लें. मैं
 
मिहिर
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हरिश्चंद्राची फैक्टरी

यह आलेख ’चकमक’ के बच्चों से मुख़ातिब है. इस बार फिर शुरुआत एक सवाल से करते हैं. अगर तुम्हें एक मूवी कैमरा (जिससे फ़िल्म बनाई जाती है) मिल जाये और उसके साथ यह छूट भी कि तुम किसी एक चीज़ का वीडियो बना सकते हो तो बताओ तुम किसका वीडियो बनाओगे? अच्छा जब तक
 
मिहिर
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कितने आदमी थे! उर्फ़ हिन्दी सिनेमा का अजब-गजब संवाद लेखन

यह लेख ’चकमक’ के बच्चों से मुख़ातिब है. काश वे भी इसे पूरा पढ़ पाते… जब हमारे दोस्त सुशील ने मुझे हिन्दी फ़िल्मों में आए मेरे पसंदीदा संवादों के बारे में लिखने के लिए कहा तो पहले तो मैं खुश हो गया. मैंने उनसे भिड़ते ही कहा.. अरे इसमें कौनसी बड़ी बात है!
 
मिहिर