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R K Raghavan थू थ, P C Sharma थू थू

साधो, क्या आपका सीबीआई एक भूतपूर्व डायरेक्टर आर के राघवन और आर सी शर्मा के मुंह पर थूकने को दिल नहीं करता? ये वो दो बेईमान अधिकारी हैं जिन्होंने अपने सीबीआई के कार्यकाल के दौरान रुचिका गेहरोत्रा के अपराधी राठौर के ऊपर सिर्फ छेड़खानी के मामले की सिफारिश
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ये अन्धों का गांव हैं, बोले दास कबीर

सब गूंगे हैं, सब बहरे हैं, सब लिये मुखौटे चेहरे हैं सब सीना तान सिकन्दर हैं सब गांधी जी के बन्दर है तू औरत है, चुपकर, चुपकर बैठेगी क्या सिर के ऊपर?
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हरी भई बनराइ

कबिरा बादल प्रेम का, हम परि बर्ष्या आइ अंतरि भीजी आत्मा, हरी भई बनराइ साधो, प्रेम के बादल में भीगो. तुम्हारे अंदर की आत्मा, तक इससे भीग जायेगी. तुम अभी ज्ञान पोथी की जो बातें कर रहे हो, वो सब भूल जाओगे. तुम कहते तो रोमिल्ला थापर ने ये कहा था! तुम कहते हो