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धर्म, सांप्रदायिकता और धर्म-निरपेक्षता : गोरख पाण्‍डेय

धर्म-निरपेक्षता क्‍या है? या हमारे यहां सेक्‍युलरिज्‍म सांप्रदायिकता से लड़ते हुए इतना खोखला, नकली और निरीह क्‍यों नजर आता है? इसकी वजह हमें यह समझ आती है कि धर्म-निरपेक्षता को उसके असली अर्थों में हमने ग्रहण ही नहीं किया। प्रगतिशील कहे जाने वाले तबके ने