कवि गोपाल मिश्र : हिन्दी काव्य परंपरा की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के वाल्मीकि
हमने अपने पिछले पोस्ट में कवि गोपाल मिश्र की कृति खूब तमाशा की पृष्टभूमि के संबंध में लिखा है। उस समय भारत में औरंगजेब का शासन काल था एवं देश में औरंगजेब की की दमनकारी नीतियों का दबे स्वरो में विरोध भी हो रहा था। खूब तमाशा में कवि की मूल संवेदना
May 29 2010 01:32 PM



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