पसंद करें
5
नापसंद करें

गूगल सर्च इंजिन के विशिष्ट प्रयोग

गूगल सर्च इंजिन का प्रयोग तो अवश्य ही आप सभी करते होंगे किन्तु आप में से बहुत से लोगों को शायद ही यह जानकारी होगी कि गूगल सर्च इंजिन में बहुत सारी विशिष्टताएँ भी हैं। तो आइये जानें उन विशिष्टताओं के बारे में!गूगल सर्च इंजिन को केलकुलेटर के तौर पर प्रयोग
 
जी.के. अवधिया
टैग: गूगल
पसंद करें
0
नापसंद करें

गूगल भी हुआ लाजवाब !!!

आज अचानके लिखने बईठे त एगो बुझौवल दिमाग में आ गया. तनी आप लोग भी कोसिस करके देखिए, बूझ पाते हैं कि नहीं. कलेंडर का कौन तारीख, साल का 365 दिन में भी नहीं बदलता है? अब आप कहिएगा कि हम फालतू में गप्प हाँक रहे हैं. ई कोनो पहेली हुआ, ई मजाक होगा कोनो. लेकिन
 
चला बिहारी ब्लॉगर बनने
टैग: गूगल
पसंद करें
8
नापसंद करें

गूगल का इस्तेमाल एक हद तक ही सही...

ये गूगल के बारे में तो सभी जानते हैं अच्छे से.सभी लोगों को पता है की गूगल है क्या.कुछ भी जानकारी चाहिए हो, तो बस हम लोग गूगल करने लगते हैं, किसी वेबसाइट का नाम याद नहीं या फिर किसी के बारे में जानना है, तो बस गूगल करो और जानकारी लो.कितने ही सर्च इंजन हैं
टैग: गूगल
पसंद करें
3
नापसंद करें

गूगल ट्राँसलेट अब हिन्दी बोल कर सुनायेगा

गूगल ट्राँसलेट अब अनुवादित टैक्स्ट को पढ़ कर सुना सकता है।
टैग: गूगल
पसंद करें
3
नापसंद करें

गूगल के खिलाफ भारतीय प्रकाशक अमेरिकी अदालत पहुँचे

गूगल की डाकेजनी के खिलाफ भारतीय प्रकाशकों ने अमेरिकी अदालत में जाकर हस्तक्षेप किया है। भारतीय प्रकाशकों और लेखकों के प्रतिनिधि के अलावा IRRO   और   FIP ने भी इस विवाद में अपना कानूनी विरोध दर्ज कराया है। इनका तर्क है कि गूगल ने
 
jagadishwar chaturvedi
टैग: गूगल
पसंद करें
2
नापसंद करें

भारत-चीन दोनों को उल्लू बना रहा है गूगल

मेरे ब्लॉग के पाठक अब तक जान गए होंगे कि चीन के खिलाफ हमारी कमजोरी पर मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा आता है। हालांकि, मुझे चीन की प्रगति से ईर्ष्या नहीं है, जोकि ईर्ष्या करने लायक है। मैं ड्रैगन से जुड़े मसलों पर हमारे नेताओं की कमजोरी को भांप नहीं पाता, जिसकी
 
राजेश कालरा
पसंद करें
0
नापसंद करें

भारत-चीन दोनों को उल्लू बना रहा है गूगल

मेरे ब्लॉग के पाठक अब तक जान गए होंगे कि चीन के खिलाफ हमारी कमजोरी पर मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा आता है। हालांकि, मुझे चीन की प्रगति से ईर्ष्या नहीं है, जोकि ईर्ष्या करने लायक है। मैं ड्रैगन से जुड़े मसलों पर हमारे नेताओं की कमजोरी को भांप नहीं पाता, जिसकी
 
राजेश कालरा
पसंद करें
0
नापसंद करें

बादलों पर तैरता कंप्यूटर

पिछले दिनों जब विंडोज-7 आया तो यह बात भी उठी थी कि जमाना अब क्लाउड कंप्यूटिंग का आ रहा है और हो सकता है कि विंडोज-7 अपनी कतार का आखिरी ऑपरेटिंग सिस्टम हो। क्लाउड कंप्यूटिंग यानी बादलों की तरह तैरता कंप्यूटर सिस्टम, जिसमें आप सॉफ्टवेयर अपने कंप्यूटर क
 
आशीष पांडे
पसंद करें
7
नापसंद करें

सभी गूगल सुविधाएँ एक साथ देखें

वैसे जीमेल में आजकल कुछ लेब फीचर जोड़े गए हैं जिससे गूगल कैलेंडर, टास्क और डॉक्स आदि के गैजेट जीमेल के आवरण में दिखाई देते हैं, लेकिन वे भी गैजेट की तरह होते हैं और वहाँ दी गई कड़ी पर क्लिक करने से नए टेब या विंडो में वह साइट खुल जाती है. लेकिन यदि आप
 
पंकज बेंगाणी
पसंद करें
2
नापसंद करें

फुरसतिया जी ने सही कहा यह चिट्ठाकारी तो निन्यानवे का फेर है.......और हम पड़े 99 के चक्कर में ?

वैसे फुरसतिया जी ने सही कहा यह चिट्ठाकारी तो निन्यानवे का फेर है, जो न फंसा वही सुखी। जो फंस गया वो बेचारा टिप्पणियों और ब्लॉग को हिट करने के चक्कर में दुबला हुआ जाता है। यों तो निन्यानबे का चक्कर मुहावरों में बहुत पहले से चला आ रहा है कबीर ने कहा ’’
 
प्रवीण त्रिवेदी PRAVEEN TRIVEDI
टैग: गूगल
पसंद करें
3
नापसंद करें

गूगल बनाम गांधी ब्रांड

बापू के 140वें जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों और घोषणाओं के बीच एक खबर अचानक ध्यान खींच रही थी। वो थी गूगल का गांधी प्रेम। गूगल सर्च इंजन ने अपने Google के G को बापू के चेहरे में तब्दील कर दिया। इंटरनेट पर गूगल के इस गांधी प्रेम पर भारतीय समाचार पत्र,
 
पीयूष पाण्डे
टैग: गूगल
पसंद करें
0
नापसंद करें

गूगल को पछाड़ना आसान नहीं

बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट आखिरकार अपने इरादे में कामयाब हो गई। ये अलग बात है कि याहू कॉर्प को खरीदने को उसका मंसूबा सफल नहीं हुआ, लेकिन इंटरनेट सर्च और ऑनलाइन विज्ञापन में गूगल की बढ़त के खौफ में दोनों कंपनियों ने हाथ मिला लिए। पिछले साल
 
पीयूष पाण्डे
टैग: गूगल
पसंद करें
8
नापसंद करें

क्यों दिखते है आडवाणी पाकिस्तानी साइटों पर?

अतः भारतीय साइटों पर आडवाणी के विज्ञापन देखने के आदी हो चुके भारतीय पाकिस्तान की साइटों पर भी आडवाणी को देख न सिर्फ चौंक रहें हैं बल्कि इसे आडवाणी का पाकिस्तान प्रेम भी मान रहे है.
 
संजय बेंगाणी
पसंद करें
3
नापसंद करें

उपग्रहीय चित्रों का बेवज़ह डर

पिछले दिनों अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शपथ-ग्रहण समारोह के समय की उपग्रहीय तस्वीर सार्वजनिक की गई. इसमें जहाँ वाशिंग्टन डीसी के राजपथ पर उमड़े जनसैलाब का विहंगम दृश्य चकित करने वाला लगता है. वहीं यदि कोई चाहे तो चित्र से उसे सुरक्षा व्यवस्था का
पसंद करें
0
नापसंद करें

फीडबर्नर से गूगल - मेरा ब्रांड और 404 पंगा

गूगल के सिस्टम फीडबर्नर छाप मेरा ब्रांड का आदर सीधे तौर पर नहीं करते, जबरन करवाना पड़ता है!!