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कबीर के श्लोक - ६

कबीर चंदन का बिरवा भला, बेड़िउ ढाक पलास॥ उइ भी चंदन होइ रहे,बसे जु चंदन पासि॥११॥ कबीर जी इस श्लोक मे कहते है कि चंदन का एक छोटा-सा पौधा भी अपने गुणो के कारण उपयोगी होता है भले ही वह ढाक और पलास जैसे पेड़ -पौधों से घिरा हुआ हो।क्योकि चंदन के पास रहने के
 
परमजीत बाली