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मैं अंगारा .......(गीत)

मैं अंगारा तुम अगर तपन से प्यार करो तो आजाना ! मैं जैसा हूँ ,मुझे वैसा ही स्वीकार करो तो आजाना !! # जो चना चबैना तक सीमित वो मेरा चना चबैना क्या जो लेना देना करता हो फ़िर उससे लेना देना क्या मेरी ही तरह अगर तुम भी व्यापार करो तो आजाना ....... # मन में
 
ललितमोहन त्रिवेदी
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छू गई साँस इक पाँखुरी ........( गीत )

छू गई साँस इक पाँखुरी , प्राण मन गमगमाने लगे ! नैन में जबसे तुम आ बसे , स्वप्न भी झिलमिलाने लगे !! जब से काजल डिठौना हुआ , हो गया जो भी होना हुआ ! झम झमाझम हुई देहरी , छम छमाछम बिछौना हुआ बिन पखावज बिना पैंजनी , पाँव ख़ुद छन छनाने लगे !! नैन में जबसे
 
ललितमोहन त्रिवेदी