मर रहा है गरीब आदमी…
मन व्यथित है…व्याकुल है…परेशान है…जब भी कोई ऐसी घटना होती है, तो परेशान कर जाती है…चाहे वो उड़ीसा या बुन्देलखंड में भूख से मरने वालों की खबर हो या कल की खबर…सुबह तो फिर भी कुछ ठीक था मन…पर शाम आते-आते…पता नहीं
Apr 08 2010 03:09 AM



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