तानाशाह बड़ा ही दुर्दान्त शब्द है पर कई तानाशाह तो इस ’दुर्दान्त‘ शब्द की सीमा को भी पार कर पूरे राक्षसी होते हैं। एक अफ्रीकी तानाशाह ईदी अमीन, को बच्चों का मांस खाने का शौक था, ऐसा कहा जाता है।
नयी दुकान देखी तो- राय - कीड़े ने उंगली की. पहुँच गए राय देने . दूर से राम राम किया , खिरियत पूछी और जामा कर बैठ गए . दुकान में लगे लकड़ी के फट्टे से लेकर, भाई साहब के कॉलर के गट्टे तक , सभी का मोल भाव पूछ लिया . सब के अंत में एक बात जरुर कहते .. यार तुम
आजकल इस भागदौड़ भरी जिंदगी मे थकना मना है, नही नही भाई मै कोई प्रोडक्ट बेचने की कोशिश नही कर रहा हूँ, बस इस भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ पल आराम से गुजारने की सलाह दे रहा हूँ। आजकल हम लोग दिन भर ऑफिस/दुकान पर काम करते है, और शाम होते ही इस बोझ [...]
बचपन की दोस्ती भी क्या दोस्ती थी! मॉर्निंग असेंबली में साथ-साथ जाना, साथ बैठना, साथ लंच करना, ब्रेक में पानी भी पीना होता था तो बेस्ट फ्रेंड को साथ ले जाना जरूरी होता था। जिस दिन बेस्ट फ्रेंड स्कूल न आए, उस दिन बाकी सब बेकार। अगले दिन बेसब्री से दोस्