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गन्ने की खेती

भारत के एक प्रसिद्ध कवि द्वारा रचित दोहा है -'अति का भला न बरसना अति की भली न धूप,अति का भला न बोलना अति की भली न चूप.' किन्तु भारत के किसानों ने इससे कोई सीख नहीं ली और जब कोई फसल उगाते हैं तो सभी उगाते हैं. इस बार प्रत्येक किसान गन्ने की फसल बो रहा है
 
देवसूफी राम कु० बंसल