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पद्म पुरस्कार, राष्ट्रमंडल खेल, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, बहुत कुछ और भी

26 जनवरी? गणतंत्र दिवस? अपने देश का गणतंत्र दिवस, अर्थात् 26 जनवरी, कल बीत चुका । इस दिन स्कूली बच्चों को मिठाई खाने को मिलती है, अतः स्वाभाविक है कि उनके लिए यह एक खास खुशी का दिन होता है । इसके अलावा क्या महत्त्व है इस दिन का मैं समझ नहीं पाता ।
 
योगेन्द्र जोशी
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सिर्फ लड्डू खाने से काम नहीं चलेगा...

आज हमारा गणतंत्र ६१ साल का हो रहा है. दुखी होना है तो सोचिये हमने इस दौरान काफी कुछ गंवाया. खुश होना है तो कहिये हमारी उपलब्धियां भी कम नहीं. इस दौरान हमने लगातार बदलाव देखा, और आज फिर हम एक बदलाव के मुहाने पर खड़े हैं. कई सपने जवान हो रहे हैं. रातों से
 
Nikhil Srivastava
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प्राचीन भारत में गणतंत्र

लोकतंत्र राजनीति का आधुनिक सिद्धांत है. यह, हालांकि राजनीतिक व्यवस्था को तय करनेवाली एक प्रणाली है, जो नागरिकों को अपनी अधिकार चेतना से समृद्ध करने, उनमें आवश्यक नागरिकताबोध पैदा करने का काम करती है. इसके द्वारा सत्ता पर जनता का अंकुश बना रहता है. व्
 
kashyap omprakash
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नवगठित केंद्रीय सरकार – यूपीए (संप्रग) की या कांग्रेस की?

काफी जद्दोजेहद के बाद अंततः केंद्र की सरकार गठित हो ही गयी । पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस पार्टी ही सरकार का नेतृत्व कर रही है । इस बार उसे अन्य दलों को गठबंधन में शामिल करने में वैसा प्रयास नहीं करना पड़ा जैसा पिछली बार करना पड़ा । इस दफे घटकों
 
योगेन्द्र
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लोकतंत्र की व्यथाकथा, दस - अपर्याप्त मतदान प्रतिशत, कारण?

इस बार अपने देश का लोकसभा चुनाव पिछले चुनावों से काफी भिन्न-सा नजर आ रहा है । यूं तो पिछले कुछ वर्षों से बहुचरणीय चुनाव प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसके पीछे मतदान से संबंधित सुरक्षा की समस्या प्रमुख कारण माना जाता है, तथापि इस बार का चुनाव अपेक्षया
 
योगेन्द्र
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रावण-राज में घटी एक विस्मयकारी घटना

यह घटना राष्ट्रीय एकता के सूत्र को उजागर करती है अतः राष्ट्रवादियों को ही नहीं, हर सच्चे मुस्लिम हितैषी को पढ़ना चाहिए और तुष्टीकरण के समर्थकों को भी. गोधरा के ऐसे संवेदनशील अन्दरूनी क्षेत्र जहाँ एक हिन्दू जाने से बचना ही चाहता हो, रात के दस बजे मुख्य
 
संजय बेंगाणी
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छब्बीस जनवरी अर्थात् गणतंत्र दिवस, और मैं

आज गणतंत्र दिवस है, साठवां गणतंत्र दिवस । हर बीते वर्ष की तरह मनाया जाने वाला दिवस । अगले वर्ष इसी तारीख पर फिर मनेगा, हर बार की भांति रस्मअदायगी निभाते हुए । बड़े-बड़े संकल्पों की बात की जायेगी, देश की उपलब्धियां गिनी और गिनायी जायेंगी । लेकिन क्या है
 
योगेन्द्र