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खते-तकदीर में ये भी लिखा था
जिगर मलिका का और उल्फत के सदमे खते-तकदीर में ये भी लिखा था मलिका इसी तरह जो तसव्वुर बना रहा होगी नसीब उनकी जियारत तमाम रात मलिका जॉन, एक अर्मीनियाई ईसाई महिला थी। पैदाइश और परवरिश बनारस में हुई। बाद में वह कलकत्ते जा बसी और गायकी और नृत्य में खासी शो
Oct 14 2009 10:10 PM



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