पसंद करें
0
नापसंद करें

नक्सली वादियां

मेरे भी घर मे रहता है इक बूढा नक्सली,ना जाने क्यूं वो एक ज़माने से है दुखी।क्या चाहिये उसे वो बताता नहीं मुझे , मैं कैसे जानूं उसको है किस चीज़ की कमी।शायद नयी फ़िज़ाओं से उसको ग़ुरेज़ है,उसको अजीज़ ग़ुज़रे ज़माने की ज़िन्दगी ।उपरी चमक दमक उसे बिलकुल नहीं पसन्द,वो
 
ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι