खुद को मिटाती चली गई
खुद को मिटाती चली गई
तेरे प्यार में मैं खुद को मिटाती चली गई।
दस्तूर-ए-दुनिया के निभाती चली गई॥
चारो तरफ रिवाज़ों की भीड़ है खड़ी,
रस्में-वफ़ा मैं फिर भी निभाती चली गई।
तेरे प्यार में मैं खुद को मिटाती चली गई॥
चाहत में तेरी खुद को मिटा डाला है मैंने,
Oct 19 2009 12:33 PM



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