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माडरेशन की प्रतीक्षा में

इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू... -९९९- पूरा आलेख मूल ब्लॉगपृष्ठ पर पढ़ने हेतु शीर्षक पर क्लिक
 
डा. अमर कुमार
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माडरेशन की प्रतीक्षा में

इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू भीगेगा भी नहीं !" [...]
 
डा. अमर कुमार
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माडरेशन की प्रतीक्षा में

इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू भीगेगा भी नहीं !" [...]
 
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माडरेशन की प्रतीक्षा में

इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू भीगेगा भी नहीं !" [...]
 
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