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हार्दिक शुभ कामनायें

नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनायेंमोहब्बत अब दिल से नहीं दिमाग से की जाती हे जिम्मेदारी नहीं ली जाती हे जियो और मरने दो का फार्मूला हेगधे एक तरफ़ा मोहब्बत करते हेघोड़े तो अस्तबल में मोंज करते हे जमाना बदल रहा हे रिश्तों में भावनायों का सूरज ढल रहा हे अब नीम
 
makrand
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मेरे घर की खुली खिड़की से .....

मेरे घर की खुली खिड़की सेअलसुबहजगाता है मुझेचिड़ियों का कलरव गान.....ठिठोली कर जाती हैरवि की प्रथम किरणअंगडाई लेते कई बार.....पूरनमासी का चाँद भीझेंपता हुआ साझांक लेता है बार -बार....झर-झर झरते पीले फूलदेते हैं दस्तकखिडकियों पर कई बार.....मीठी तान छेड़
 
वाणी गीत