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सवाल...

मैं कौन हूँ??? मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सवाल... आखिर मैं कौन हूँ? मेरा क्या अस्तित्व है? इस दुनिया के लिए आखिर मेरी क्या जरूरत है? मैंने इस धरती पर जन्म क्यों लिया है? मैं यहाँ क्या कर रहा हूँ?ये कुछ ऐसे सवाल है जिनके जवाब ढूंढने की मैं बहुत कोशिश करता
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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आखिर क्यों हो रहा है ऐसा मेरे साथ?

आज पहली बार समझ नहीं आ रहा कि कहाँ से लिखना शुरू करूँ... आज पहली बार शब्द नहीं मिल रहे पिरोने के लिए... आज खुद को भावविहीन महसूस कर रहा हूँ.... मैं जो जिंदगी जीने के नजरिये की, सुख की, प्रेम की, दोस्ती की, भावनाओं की बातें करता था... वही मैं, आज खुद को
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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जब कभी अपनों की आँखों में आंसू देखता हूँ

जब कभी अपनों की आँखों में आंसू देखता हूँ, मेरा दिल भी रोने लगता है. तड़प हो उठता है मेरा मन. जी करता है मैं भी जार-जार रोऊँ...आज भी मैंने एक अपने बहुत अजीज को रोते हुए देखा. हुआ कुछ यों की दिल को उनके बहुत ठेष लगी, आँखों में दो बूँद उतर आये उनकी. मेरे उस
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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आत्मा-परमात्मा, ज्योतिष नाम की चीज होती है....

देखते देखते मेरे ब्लॉग पर पोस्टों की संख्या १०० पार गयी और खुद मुझे पता नहीं चला. पता चलता भी तो कैसे? बीते महीने मैंने अपने ब्लॉग पर समय भी तो बहुत कम दिया था. अवकाश पर था, घर पर छुट्टियों का मजा ले रहा था. माँ के हाथ की बनी रोटी और चाय की चुस्कियों से
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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मैं जिन्दा रहते हुए भी मुर्दों जैसा जी रहा हूँ

लोग कहते है मैं बहुत भावुक इंसान हूँ. मुझे भी ऐसा ही लगता था पर कुछ दिनों पहले तक ही. लोगों को पीड़ा में देखकर मेरा ह्रदय भी पीड़ित हो जाया करता था. किसी के भी दुःख में मैं भी दुखी हो जाया करता था, लोगों की ख़ुशी में मैं भी हँस लिया करता था. बातें मेरे दिल
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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दिल में लड़कियों के लिए प्यार नहीं सिर्फ घृणा औ...

आज कल बुद्धू बक्से पर एक शो बहुत चर्चा में है... राहुल दुल्हनिया ले जायेगा... दुल्हनिया ले जाये या नहीं पब्लिसिटी जरूर ले जा रहा है. राहुल महाजन... एक ऐसा नाम जो रातों रात फेमस हो गया. एक सेलेब्रिटी बन गया. पर मैं जानना चाहता हूँ कि आखिर उसका अतीत क्या
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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मेरे ख़त...

मेरे ख़त... नाम से एक नए ब्लॉग की शुरुआत की है मैंने. आशा करता हूँ कि आप लोगों को मेरा ये प्रयास पसंद आएगा और मैं अपनी बात आप लोगों तक पहुचाने में सफल रहूँगा. बस आप लोगों के आशीर्वाद की जरूरत है. तो कृपया मेरे ख़त... पढ़ कर उसका जवाब
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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मेरे ख़त...

मेरे ख़त... नाम से एक नए ब्लॉग की शुरुआत की है मैंने. आशा करता हूँ कि आप लोगों को मेरा ये प्रयास पसंद आएगा और मैं अपनी बात आप लोगों तक पहुचाने में सफल रहूँगा. बस आप लोगों के आशीर्वाद की जरूरत है. तो कृपया मेरे ख़त... पढ़ कर उसका जवाब
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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रण...

कल राम गोपाल वर्मा की अमिताभ बच्चन, रितेश देशमुख अभिनीत फिल्म रण देखी मैंने.एक उम्दा कहानी और सच्चाई को उकेरती बहुत ही लाजवाब फिल्म है रण... मीडिया की हकीकत को बहुत ही खूबसूरती से इस फिल्म में दिखाया गया है. फिल्म के सीन में राजपाल यादव (इस फिल्म में
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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महंगी तो दुनिया हो ही गयी है....

रोज अखबारों में, न्यूज़ चैनलों में, हर मुंह से, हर ओर से एक ही आवाज सुनाई दे रही है महंगाई, महंगाई और महंगाई.... सच भी है... महंगी तो दुनिया हो ही गयी है.... दुनिया महंगी हो गयी हैचीजें पहुँच से दूर हो गयी हैअपना घर अब ख्यालों में बनता है सिर्फभोजन अब
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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एक सलाम दीदी और जीजाजी को...

कल माँ के लिए एक कविता लिखी थी... आज एक कविता अपनी दीदी "श्रीमती प्रज्ञा प्रसाद" और अपने जीजाजी "श्री राजीव कुमार" (दोनों सीधी बात के लेखक भी है) के लिए लिखने की इक्छा हो गयी है... (दीदी की शादी जीजाजी के साथ १ फरवरी २००८ को हुई थी)... दीदी अपने आप में
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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माँ....

जीवन में पहली बार मैंने अपनी माँ के लिए कविता लिखी है... माँ एक ऐसा शब्द जिस में पूरा संसार छिपा हुआ है... माँ एक ऐसा शब्द जिसने पूरी श्रृष्टि की रचना की है... मेरी ये कविता मेरी माँ को समर्पित...माँ....मैं एक बार फिर बच्चा होना चाहता हूँतेरी गोद में
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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एक शिकायत...

मैंने इस ब्लॉग पर एक बात गौर की है... जब कोई सही मुद्दा उठाया जाये तो comments सिर्फ 2-3 मिलते है पर जहाँ बात "कानून में संसोधन (५ प्रतिक्रियाएं)" या "समलैंगिकता : मानसिकता वही (५ प्रतिक्रियाएं)" या "प्रेम विवाह (५ प्रतिक्रियाएं)", कल २२ किलो मीटर (५
 
राजीव कुमार
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एक शिकायत...

मैंने इस ब्लॉग पर एक बात गौर की है... जब कोई सही मुद्दा उठाया जाये तो comments सिर्फ 2-3 मिलते है पर जहाँ बात "कानून में संसोधन (५ प्रतिक्रियाएं)" या "समलैंगिकता : मानसिकता वही (५ प्रतिक्रियाएं)" या "प्रेम विवाह (५ प्रतिक्रियाएं)", कल २२ किलो मीटर (५
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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मंदिर या मस्जिद

लिब्राहन रिपोर्ट... मुझे नहीं पता क्या है ये लिब्राहन रिपोर्ट. और मैं जानना भी नहीं चाहता. कल से सुन रहा हूँ. हर न्यूज़ चैनल पर बस यही एक खबर है. खैर कुछ बातें है जो मैं आप सबसे पूछना चाहता हूँ. हर भाजपाई से, हर कॉंग्रेसी से, हर धर्म के ठेकेदारों
 
राजीव कुमार
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बिना तिरंगे की स्वतंत्रता

कुछ कामों से इस बार फगवारा, पंजाब (लुधिअना और जालंधर के बीच बसा एक छोटा सा शहर) जाने का मौका मिला. पंजाब जाने के नाम से ही मन में एक अजीब सा अनुभव था... एक अच्छा अनूभव. क्या क्या नहीं सुन रखा था इस प्रदेश के बारे में, खेतो-खलिहानों से भरा, भांगरे की
 
राजीव कुमार
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क्या है औरत?

औरत.... क्या है औरत?जन्म के समय जिसे न वो प्यार मिले, जिसे दो वक़्त कि रोटी भी उधर मिले, जो भाइयो के लिए अपनी पढाई का त्याग करे, माँ-बाप के वात्सल्य का जो इन्तेजार करे... वही है औरत जिसकी उम्र के साथ लोगों कि निगाहें बढ़ने लगे हर चौक से गुजरने में जिसे
 
राजीव कुमार
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Happy New Year

नया साल आ रहा है... २००९ अलविदा कहने को तैयार हो चूका है... बहुत कुछ है जो हमने इस साल पाया और बहुत कुछ खोया भी होगा... कई खुशियों के दिन साथ होंगे तो कई दिनों ने रुलाया भी होगा... हर साल की तरह इस साल ने भी बहुत कुछ सिखाया होगा.... बस आने वाले साल २०१०
 
राजीव कुमार
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उधार की जिन्दगी

हर बात कुछ याद दिलाती है....हर याद कुछ मुस्कान लाती है....कौन नहीं चाहता खुशियों को पास रखना अपने...पर कहाँ वो हर पल साथ रह पाती है..... समय का आभाव भी बहुत है जिन्दगी में....भूल गए पलों को पैसो की बंदगी में.....पर साथ तो अतीत का भी चाहिए...और कम समय और
 
राजीव कुमार
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क्या मैं सचमुच पागल हूँ???

मैं पागल हूँ. हाँ शायद मैं सचमुच पागल हूँ, नहीं तो वो आखिर ऐसा क्यों कहती. वो अक्सर कहती है, "तुम बिलकुल पागल हो." अगर वो कहती है तो निश्चित मैं पागल ही होऊंगा. वरना मुझे पता है वो ऐसा नहीं कहती. आखिर कोई किसी को यूँ ही पागल थोड़े ही कहता है.
 
राजीव कुमार
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कल... २२ किलोमीटर

कल बत्रा हॉस्पिटल से अपने घर के लिए जा रहा था। अचानक खानपुर चौराहे के पास मैंने एक लड़की को देखा। चेहरा साफ़-साफ़ नही देखा पर पीछे से वो बिल्कुल मेरी एक मित्र की तरह लग रही थी। बहुत दिनों के बाद उसे देख रहा था, लगभग ३ सालों बाद। जाहिर था उससे मिलने की
 
राजीव कुमार
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Happy New Year

नया साल आ रहा है... २००९ अलविदा कहने को तैयार हो चूका है... बहुत कुछ है जो हमने इस साल पाया और बहुत कुछ खोया भी होगा... कई खुशियों के दिन साथ होंगे तो कई दिनों ने रुलाया भी होगा... हर साल की तरह इस साल ने भी बहुत कुछ सिखाया होगा.... बस आने वाले साल २
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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हम एक हिन्दुस्तानी

हम बिहारी है, बंगाली है, मराठी है, गुजरती, पंजाबी, तमिल, तेलगु, असामी, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय और न जाने क्या क्या है... हम हिंदी भाषी है, हम मरता भाषी है, हम तमिल बोलते है, तेलगु बोलते है, हम अंग्रेजी बोलते है.... हम हिन्दू है, मुस्लिम
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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बिना तिरंगे की स्वतंत्रता

कुछ कामों से इस बार फगवारा, पंजाब (लुधिअना और जालंधर के बीच बसा एक छोटा सा शहर) जाने का मौका मिला. पंजाब जाने के नाम से ही मन में एक अजीब सा अनुभव था... एक अच्छा अनूभव. क्या क्या नहीं सुन रखा था इस प्रदेश के बारे में, खेतो-खलिहानों से भरा, भांगरे की
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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कल... २२ किलोमीटर

कल बत्रा हॉस्पिटल से अपने घर के लिए जा रहा था। अचानक खानपुर चौराहे के पास मैंने एक लड़की को देखा। चेहरा साफ़-साफ़ नही देखा पर पीछे से वो बिल्कुल मेरी एक मित्र की तरह लग रही थी। बहुत दिनों के बाद उसे देख रहा था, लगभग ३ सालों बाद। जाहिर था उससे मिलने की
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'