चिट्ठाचर्चा: ये दुरूह आत्मपीडक कर्म कर कैसे लेते हैं आप?
आज जब चिट्ठाचर्चा की तुलना देसीपंडित से करता हूं तो पाता हूं कि आज अंग्रेजी वालों के पास भी इसकी टक्कर का कोई उपक्रम मौजूद नही है!
Nov 11 2009 08:45 PM



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