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चिट्ठाचर्चा: ये दुरूह आत्मपीडक कर्म कर कैसे लेते हैं आप?

आज जब चिट्ठाचर्चा की तुलना देसीपंडित से करता हूं तो पाता हूं कि आज अंग्रेजी वालों के पास भी इसकी टक्कर का कोई उपक्रम मौजूद नही है!
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अंग्रेजी चिट्ठा उपलब्ध

बहुतेरे हिन्दी चिट्ठाकारों के अंग्रेजी चिट्ठे हैं. महाजनो येन गत: स: पन्था का अनुसरण करते ऐसा करने का मन तो बन ही चुका था, समय रहते यह काम भी हो ही गया. जैसा कि होता है, एक छोटी व्यक्तिगत पोस्ट से आगाज़ कर दिया है. विविधता बढने व कलेवर और निखरने मे ज्
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पांच रुप्पैय्या बारा आना: चिट्ठे पर विज्ञापन, प्रायोजक या दानपेटी?

एक पडताल - चिट्ठों पर विज्ञापन लगाने के क्या विकल्प हैं? इस माहौल में चिट्ठाकारी का औचित्य भी क्या है?
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अमिताभजी और मेरे सेलेब्रिटी स्टेटस के साईड इफ़्फ़ेक्ट्स!

डॉ. अमर को बिग बी उनके अपने कबीले के नहीं लगते , यानी मैं भी उन्हें अपने कबीले का नहीं लगता ( बिग बी और मैं एक ही कबीले के हैं ). वैसे बिग बी और मैं, डॉ. अमर को अपने कबीले के लग भी नहीं सकते.. हम अपनी उदारता और ओढी हुई इन्क्लूसिवनेस के चलते आम आदमी क