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खत्री जाति को इस ढंग से परिभाषित किया जा सकता है !!

वास्‍तव में व्‍यापक व्‍यक्तिगत अंतरों को स्‍पष्‍ट करने के उद्देश्‍य से जाति प्रथा को जन्‍म दिया गया था। आधुनिक वैज्ञानिक व्‍यख्‍या के अनुसार 'जाति' ऐतिहासिक प्रक्रिया में विकसित एक जनसमुदाय है , जिसका उदय अपने को अभिव्‍यक्‍त करनेवाले एक समान मनोवैज्ञानिक
 
संगीता पुरी