क्षमा
एक दिन बुद्ध ने भूमि पर घिसटते हुए एक लंगड़े योगी को देखा. “मैं अपने पापों का फल भोग रहा हूँ” – योगी ने कहा. “तुमने कितने पापों का फल भोग लिया है?” “यह तो मैं नहीं जानता”. “और कितने पापों का फल भोगना शेष
May 27 2010 07:09 AM



Shuffle








