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पाचनक्रिया

भ्रष्टाचारीकरोड़ों रूपयेखा रहे हैं.आश्चर्य है !बिना हाजमोला केपचा रहे हैं.
 
अखिलेश सोनी
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सुनहरा कल

आतंकवादी दिनों - दिन धमाकों का इतिहास गढ़ रहे हैं , फिर भी हम कहते हैं " सुनहरे कल की ओर " बढ़ रहे हैं
 
अखिलेश सोनी
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चुनाव

नेताजी आजकल नींद में बडबडाने लगे हैं , चुनाव नज़दीक आने लगे हैं.
 
अखिलेश सोनी
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जांच आयोग

बढ़ता भ्रष्टाचार प्रशासन है मौन , जांच आयोग आया पर जांच करे कौन
 
अखिलेश सोनी
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पाचनक्रिया

भ्रष्टाचारी करोड़ों रूपये खा रहे हैं , आश्चर्य है बिना हाजमोला के पचा रहे हैं
 
अखिलेश सोनी
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गुण

नेताजी का कुत्ता नेतागिरी के गुण लेने लगा है, अब भौंकने के बजाय "स्माइल" देने लगा है.
 
अखिलेश सोनी
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क्षणिका

नपी तुली सी इस जिन्दगी सेकोई क्या मांगेतुम ही कहोक्या तुम्हारे हिस्से की खुशीऔर मेरे हिस्से का गमबराबर सा है
 
मोहिन्दर कुमार
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ज्ञानी:- चरित्र

ज्ञानी: लोगों का उजाला चरित्र सबको साफ़ साफ़ दिखाई देता है... उनके दिल का तार तार होना सुनाई देता है जब कोई ज्ञानी सूरज की ओर मुंह उठाए थूकता दिखाई देता है.
 
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'
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‘‘समय का फेर’’ - (डा. रूपचन्द्र शास्त्री ‘‘मयंक’’)

पहले का आदमी कर्मशील था, कहलाता था निष्कामी। आज का आदमी अकर्मण्य है, और कहलाता है कामी।
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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कुछ बच्चे

कुछ बच्चे.... बच्चे रहते हैं, देर तक. तब तक तो, उनकी... ...टोफियाँ, और खेल भी.... बूढे हो जाते हैं... ... पक जाते हैं। बच्चे... देर लगाते हैं, ...या फ़िर, खिलोनों को... ज़ल्दी है... ...बड़ा होने की?
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क्षणिका

बाप सत्यनारायण की कथापढ़ते थेबेटासत्यकथा पढ़ रहे हैंहम"सुनहरे कल की ओर" बढ़ रहे हैं.
 
Dhaighar
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क्षणिका

कवियह सुनकरखुश होते हैंकिदीवारों के भीकान होते हैं.
 
Dhaighar